❤प्रेमसप्तम भाव में चंद्रमा और मंगल की युति जीवनसाथी या साथी…▾
सप्तम भाव में चंद्रमा और मंगल की युति जीवनसाथी या साथी के साथ रिश्तों में जुनून के साथ थोड़ी तकरार भी ला सकती है। आज बोले गए शब्द जरूरत से ज्यादा तीखे लग सकते हैं, इसलिए स्वर नरम रखें। अविवाहित लोग किसी आत्मविश्वासी व्यक्ति की ओर आकर्षित हो सकते हैं। दशम भाव के शुक्र की मिठास से मतभेदों के बीच भी आकर्षण बनाए रखें।
◈करियरदशम भाव में शुक्र पेशेवर बातचीत, बैठकों और सार्वजनिक…▾
दशम भाव में शुक्र पेशेवर बातचीत, बैठकों और सार्वजनिक व्यवहार को मधुर बनाता है, जिससे सहकर्मियों या ग्राहकों के साथ अच्छे संबंध बनते हैं। लेकिन अष्टम भाव में सूर्य, बुध और गुरु की युति काम की संरचना में अचानक बदलाव या ऑडिट का संकेत देती है। कागजी कार्यवाही सावधानी से करें और साझा संसाधनों से जुड़े निर्णयों में जल्दबाजी न करें।
✚स्वास्थ्यअष्टम भाव से गुजर रहे सूर्य, बुध और गुरु के कारण ऊर्जा…▾
अष्टम भाव से गुजर रहे सूर्य, बुध और गुरु के कारण ऊर्जा में कमी और तंत्रिका तंत्र में संवेदनशीलता महसूस हो सकती है, खासकर आर्द्रा नक्षत्र में चंद्रमा की बेचैनी बढ़ाने वाली स्थिति के साथ। हल्की पाचन या नींद संबंधी समस्याएं संभव हैं। हल्की स्ट्रेचिंग, गर्म भोजन और जल्दी सोना थकान से लड़ने से ज्यादा मददगार होगा। कृष्ण त्रयोदशी के व्रत में भोजन न छोड़ें।
₹धनअष्टम भाव में सूर्य, बुध और गुरु की युति साझा धन, बीमा,…▾
अष्टम भाव में सूर्य, बुध और गुरु की युति साझा धन, बीमा, कर या ससुराल पक्ष के वित्तीय मामलों पर ध्यान देने का संकेत देती है। हस्ताक्षर करने से पहले दस्तावेजों की दोबारा जांच करें। तृतीय भाव में वक्री राहु संचार या यात्रा पर जल्दबाजी में खर्च करने का लालच दे सकता है, रुककर सोचें। दशम भाव का शुक्र नियमित काम से स्थिर आय का समर्थन करता है।
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