❤प्रेमवक्री राहु सप्तम भाव में होने से साथी के संकेत थोड़े…▾
वक्री राहु सप्तम भाव में होने से साथी के संकेत थोड़े धुंधले लग सकते हैं, इसलिए चुप्पी या देर से आए जवाब का गलत मतलब न निकालें। शुक्र का दूसरे भाव में होना पारिवारिक रिश्तों में गर्माहट और बातचीत में गहराई लाता है, जो चीज़ें संतुलित रखेगा। स्वयं राशि पर बैठा केतु थोड़ी भावनात्मक जगह मांगता है, अचानक दूरी बनाने के बजाय ईमानदारी से यह बात कहें।
◈करियरग्यारहवें भाव में मंगल और चंद्रमा सहयोग, संदर्भ या पहले…▾
ग्यारहवें भाव में मंगल और चंद्रमा सहयोग, संदर्भ या पहले किए गए उपकार से लाभ दिला सकते हैं, इसलिए शांत काम के बीच भी अपने नेटवर्क से जुड़े रहें। बारहवें भाव में सूर्य, बुध और गुरु का जमावड़ा शोध, योजना या विदेशी ग्राहकों और दूर के दफ्तरों से जुड़े कामों के लिए अच्छा है। आठवें भाव का वक्री शनि आज कागज़ी काम या मंजूरी में जल्दबाज़ी न करने की सलाह देता है।
✚स्वास्थ्यआठवें भाव में वक्री शनि अतिरिक्त आराम और अधिक मेहनत न…▾
आठवें भाव में वक्री शनि अतिरिक्त आराम और अधिक मेहनत न करने की मांग करता है, खासकर जोड़ों या पाचन के मामले में, इसलिए गति धीमी रखें। स्वयं राशि पर बैठा केतु ऊर्जा या प्रतिरोधक क्षमता को थोड़ा कम कर सकता है, थकान से जूझने की बजाय छोटी झपकी या जल्दी सोना बेहतर रहेगा। बुध के बारहवें भाव में होने से अत्यधिक सोच-विचार हो सकता है, सोने से पहले कुछ शांत पल निकालें।
₹धनशुक्र का दूसरे भाव में होना रोज़मर्रा के वित्त और…▾
शुक्र का दूसरे भाव में होना रोज़मर्रा के वित्त और पारिवारिक संसाधनों को स्थिर रखता है, समझदारी से खर्च संभालना आसान रहेगा। ग्यारहवें भाव में मंगल और चंद्रमा किसी लाभ या बकाया भुगतान की खबर ला सकते हैं, इस पर ध्यान दें। बारहवें भाव में सूर्य, बुध और गुरु का जमावड़ा अनियोजित या विदेश से जुड़े खर्च की ओर इशारा करता है, इसलिए कोई नई प्रतिबद्धता लेने से पहले खर्च का हिसाब देख लें।
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