❤प्रेमतृतीय भाव से गोचर करता शुक्र किसी साथी या पसंदीदा…▾
तृतीय भाव से गोचर करता शुक्र किसी साथी या पसंदीदा व्यक्ति से खुलकर बात करने का हौसला देगा, जो मन में है वह कह पाने की हिम्मत मिलेगी। द्वितीय भाव में चंद्रमा और वक्री केतु कभी भावनात्मक दूरी या परिवार के साझा मूल्यों पर फिर से सोचने की ज़रूरत महसूस करा सकते हैं। अविवाहितों के लिए सहज, बिना दबाव वाली बातचीत सुखद रहेगी। चुप्पी को दूरी न समझें, बल्कि पूछें। एक छोटा संदेश या कॉल इस सप्ताह बहुत कुछ सुलझा सकता है।
◈करियरअपनी राशि में एकसाथ सूर्य, बुध और गुरु होने से…▾
अपनी राशि में एकसाथ सूर्य, बुध और गुरु होने से कार्यस्थल पर पहचान बनाने, विचार रखने और बातचीत में आगे रहने का अच्छा मौका है। मंगल द्वादश भाव में होने से वास्तविक मेहनत परदे के पीछे चल रही है, इसलिए नतीजे दिखने में थोड़ी देर लग सकती है। नवम भाव में वक्री शनि विदेश संबंधी कार्यों, स्वीकृतियों या लंबी अवधि की योजनाओं में एक और समीक्षा मांगता है, जल्दबाज़ी न करें। कागज़ात स्पष्ट रखें और पहचान को धीरे धीरे बनने दें।
✚स्वास्थ्यद्वादश भाव में मंगल अक्सर बाधित नींद, हल्की थकान या रात…▾
द्वादश भाव में मंगल अक्सर बाधित नींद, हल्की थकान या रात में दिमाग के शांत न होने जैसा दिखता है, जबकि राशि में गुरु समग्र ऊर्जा को स्थिर रखते हैं। खानपान या स्क्रीन समय में अति से बचें क्योंकि गुरु अतिरेक की ओर झुका सकते हैं। सोने से पहले सरल दिनचर्या, थोड़ी जल्दी सोना और एक छोटी सैर इस सप्ताह किसी भी कठोर व्यायाम से ज़्यादा फायदा देगी। थकान को नज़रअंदाज़ करने के बजाय छोटे संकेतों पर ध्यान दें।
₹धनद्वितीय भाव में चंद्रमा और वक्री केतु के होने से आय में…▾
द्वितीय भाव में चंद्रमा और वक्री केतु के होने से आय में थोड़ा उतार चढ़ाव और पुरानी धन संबंधी आदतों का फिर से सामने आना संभव है। अष्टम भाव में वक्री राहु साझा या छिपे वित्तीय मामलों, संयुक्त खातों या पुराने बकायों की परत जोड़ता है, इन्हें ध्यान से देखें। मन की स्थिति में आकर खरीदारी करने से बचें। इस सप्ताह किसी बड़े वित्तीय फैसले के बजाय खर्चों की शांत समीक्षा ही स्थिरता बनाए रखेगी।
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